दिल्ली से राजस्थान के रेत भरे रास्ते पर सालासर की ओर चलिए, बजरंगबली के नाम के साथ। यह चैनल हनुमान भजन और चालीसा बिना रुके बजाता रहता है।
यह चैनल सुनिएमुफ़्त • बिना विज्ञापन • 24 घंटेदिल्ली से सालासर लगभग 285 किलोमीटर है और साढ़े पाँच घंटे के आसपास लगते हैं। रास्ता NH 52 से होकर हरियाणा पार करता है और चूरू ज़िले के शेखावाटी इलाके में उतरता है — खेत धीरे-धीरे रेत में बदलते जाते हैं।
मंगलवार और शनिवार को यह सड़क भीड़ से भरी रहती है, और चैत्र तथा आश्विन की पूर्णिमा पर लगने वाले मेलों में तो पैदल चलने वालों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
सालासर के बालाजी की मूर्ति बाकी हनुमान मंदिरों से अलग है — यहाँ बजरंगबली दाढ़ी और मूँछ के साथ विराजते हैं। यही रूप इस मंदिर की पहचान है।
मंदिर की स्थापना अठारहवीं सदी के मध्य की मानी जाती है। कथा है कि आसोटा गाँव में खेत जोतते समय एक किसान को यह मूर्ति मिली, और स्वप्न के आदेश पर उसे सालासर लाया गया। भक्त यहाँ निशान — रंगीन ध्वजा — चढ़ाते हैं, और मनोकामना पूरी होने पर सवामणि का भोग लगाते हैं।
बजरंगी की शक्ति में हनुमान भजन, हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और संकट मोचन जैसी रचनाएँ चलती हैं। दूसरा भाव सब भजन है, जिसमें पूरे संग्रह से भजन आते हैं।
चालीसा सुनने के लिए मंगलवार का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं — चैनल हर समय खुला है।
चालीसा संग्रह का हिस्सा है और क्रम में अपने आप आती है। अगर तुरंत सुननी हो तो अगले का बटन दबाते रहिए, या एक बार बजने पर उसे मेरी माला में सहेज लीजिए।
पहले भाव में हाँ। दूसरे भाव सब भजन में शिव, राम और कृष्ण — सभी आ जाते हैं।
हाँ। एंड्रॉयड और विंडोज़ पर इंस्टॉल का विकल्प अपने आप आता है; आईफ़ोन पर शेयर मेन्यू से होम स्क्रीन पर जोड़ें चुनिए।
नहीं। यह पूरी तरह मुफ़्त है और आगे भी रहेगा।