दिल्ली से कटरा तक का सबसे लंबा रास्ता, माता के भजनों के साथ। इस चैनल में चार भाव हैं — वैष्णो देवी की भेंटें, दुर्गा और काली माँ के भजन।
यह चैनल सुनिएमुफ़्त • बिना विज्ञापन • 24 घंटेदिल्ली से कटरा लगभग 640 किलोमीटर है और NH 44 से ग्यारह घंटे के आसपास लगते हैं — इस रेडियो की सबसे लंबी सड़क यात्रा। रास्ता पानीपत, अंबाला, लुधियाना और जम्मू होते हुए कटरा पहुँचता है।
असली यात्रा कटरा से शुरू होती है। भवन तक करीब तेरह किलोमीटर की चढ़ाई है, और पूरे रास्ते जय माता दी की आवाज़ गूँजती रहती है।
मंदिर जम्मू के रियासी ज़िले में त्रिकूट पर्वत की गुफा में है। गर्भगृह में कोई मूर्ति नहीं, तीन पिंडियाँ हैं — महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती — और उन्हीं के रूप में माता की पूजा होती है।
रास्ते में अर्धकुँवारी पड़ता है, जहाँ गर्भजून की सँकरी गुफा है। भवन से ऊपर भैरोंनाथ का मंदिर है, और परंपरा कहती है कि वहाँ दर्शन किए बिना यात्रा पूरी नहीं मानी जाती। नवरात्रि में यहाँ सबसे अधिक भीड़ होती है।
इसमें चार भाव हैं। जय माता दी में सारे भजन एक साथ मिल जाते हैं। माता का बुलावा में वैष्णो देवी की भेंटें हैं, दुर्गा में दुर्गा माँ की रचनाएँ, और काली माँ में काली से जुड़े भजन।
यह चैनल जगराते के लिए भी चलाया जा सकता है और नवरात्रि के नौ दिनों के लिए भी।
हाँ, इसी के लिए यह चैनल बनाया गया है। नौ दिन बिना रुके माता के भजन चलते रह सकते हैं।
हाँ, काली माँ नाम का अपना भाव है जिसमें केवल उन्हीं से जुड़े भजन चलते हैं।
कभी-कभी किसी भजन के मालिक ने उसे दूसरी वेबसाइट पर चलने से रोका होता है। ऐसे भजन अपने आप छोड़ दिए जाते हैं और अगला चल पड़ता है।
हाँ, दुनिया में कहीं से भी। स्क्रीन पर आपके अपने देश का समय दिखता रहता है।