इस रेडियो की सबसे लंबी यात्रा — हरिद्वार से चारों धाम और वापसी, लगभग डेढ़ हज़ार किलोमीटर। साथ में पूरा भजन संग्रह और पाठ व स्तोत्र।
यह चैनल सुनिएमुफ़्त • बिना विज्ञापन • 24 घंटेउत्तराखंड की चार धाम यात्रा हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होती है और परंपरा के अनुसार यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के क्रम में की जाती है। पूरी परिक्रमा लगभग 1,550 किलोमीटर की है और सड़क पर ही तीस घंटे से ज़्यादा लग जाते हैं।
यह एक दिन का रास्ता नहीं है — आम तौर पर दस से बारह दिन लगते हैं। यही वजह है कि यह चैनल सबसे लंबे समय तक चलने के लिए बना है।
यमुनोत्री यमुना का उद्गम है, जहाँ पास ही सूर्य कुंड का गर्म पानी है। गंगोत्री गंगा का धाम है, और असली गोमुख वहाँ से लगभग अठारह किलोमीटर आगे है। केदारनाथ शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। बद्रीनाथ विष्णु का धाम है, अलकनंदा के किनारे, नीलकंठ शिखर के नीचे।
चारों मंदिर सर्दियों में बर्फ़ के कारण बंद रहते हैं। कपाट अक्षय तृतीया के आसपास खुलते हैं और दीपावली के बाद भाई दूज के आसपास बंद हो जाते हैं।
सम्पूर्ण भक्ति में पूरा संग्रह चलता है — शिव, राम, कृष्ण, हनुमान, सब एक साथ। पाठ व स्तोत्र में चालीसा, स्तोत्र और आरती जैसी रचनाएँ हैं, जो पूजा या पाठ के समय के लिए ठीक बैठती हैं।
अगर आप एक ही देवता तक सीमित नहीं रहना चाहते, तो यही चैनल सबसे ठीक है।
कपाट आम तौर पर अक्षय तृतीया के आसपास खुलते हैं और भाई दूज के आसपास बंद होते हैं। बीच के महीनों में मंदिर बर्फ़ के कारण बंद रहते हैं।
हाँ, पाठ व स्तोत्र भाव इसी के लिए है — चालीसा, स्तोत्र और आरती एक साथ।
हाँ। संग्रह में उनसठ भजन हैं और क्रम बदलता रहता है, इसलिए यह घंटों बिना दोहराव के चलता रहता है।
हाँ। एंड्रॉयड और विंडोज़ पर इंस्टॉल का विकल्प अपने आप आ जाता है, और आईफ़ोन पर शेयर मेन्यू से होम स्क्रीन पर जोड़ा जा सकता है।