अयोध्या से काशी तक के राम पथ पर चलिए और राम नाम में डूबे रहिए। इस चैनल पर राम भजन भी हैं और रामायण की गाथा भी।
यह चैनल सुनिएमुफ़्त • बिना विज्ञापन • 24 घंटेअयोध्या से काशी करीब 210 किलोमीटर है, लगभग पाँच घंटे का रास्ता। सड़क सरयू के किनारे से निकलकर पूर्वांचल के मैदानों से होते हुए गंगा तक पहुँचती है — एक नदी से दूसरी नदी तक।
दोनों छोर पर एक-एक तीर्थ है: एक ओर राम की जन्मभूमि, दूसरी ओर शिव की नगरी। इसीलिए इस मार्ग को राम पथ कहा गया है।
अयोध्या सरयू के किनारे बसी है और राम जन्मभूमि के रूप में जानी जाती है। रामनवमी पर यहाँ का उत्सव पूरे देश से लोगों को खींच लाता है, और दीपोत्सव पर घाटों पर लाखों दीये जलाए जाते हैं।
काशी — वाराणसी, बनारस — दुनिया के सबसे पुराने लगातार बसे शहरों में गिनी जाती है। काशी विश्वनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। दशाश्वमेध घाट पर हर शाम गंगा आरती होती है, और मणिकर्णिका पर चिता की आग कभी बुझती नहीं — यही वह बात है जो काशी को बाकी शहरों से अलग करती है।
जय श्री राम में राम भजनों का संग्रह चलता है — राम सिया राम जैसी धुनें, राम चालीसा, और नाम-स्मरण के भजन। रामायण गाथा में वे रचनाएँ हैं जो कथा कहती हैं — रामायण के प्रसंग और आरती।
यह चैनल पाठ के समय के लिए भी ठीक है और यूँ ही पृष्ठभूमि में चलने के लिए भी।
पूरी कथा एक साथ नहीं — रामायण गाथा भाव में उससे जुड़ी रचनाएँ और आरती चलती हैं।
हाँ। ऊपर शंख और घंटे के बटन हैं, और आरती का विकल्प भी, जिसे भजन के साथ चलाया जा सकता है।
यह आमतौर पर नेटवर्क की वजह से होता है। ऐसे में पेज दोबारा खोलिए — स्ट्रीम फिर से जुड़ जाएगी।
हाँ, जैसे-जैसे चैनल पर नए भजन आते हैं, उन्हें रेडियो में जोड़ा जाता है।